राजनीतिक पार्टी

एक ऐसा समूह जिसका निर्माण चुनाव लड़ने और सरकार बनाने के उद्देश्य से हुआ हो, राजनीतिक पार्टी या दल कहलाता है। किसी भी राजनीतिक पार्टी में शामिल लोग कुछ नीतियों और कार्यक्रमों पर सहमत होते हैं जिसका लक्ष्य समाज का भलाई करना होता है।

एक राजनीतिक पार्टी लोगों को इस बात का भरोसा दिलाती है उसकी नीतियाँ अन्य पार्टियों से बेहतर हैं। वह चुनाव जीतने की कोशिश करती है ताकि अपनी नीतियों को लागू कर सके।

विभिन्न राजनीतिक पार्टियाँ हमारे समाज के मूलभूत राजनैतिक विभाजन का प्रतिबिंब होते हैं। कोई भी राजनीतिक पार्टी समाज के किसी खास पार्ट का प्रतिनिधित्व करती इसलिए इसमें पार्टिजनशिप की बात होती है। किसी भी पार्टी की पहचान इससे बनती है कि वह समाज के किस पार्ट की बात करती है, किन नीतियों का समर्थन करती है और किनके हितों की वकालत करती है। एक राजनैतिक पार्टी के तीन अवयव होते हैं।


राजनीतिक पार्टी के कार्य:

राजनैतिक पदों को भरना और सत्ता का इस्तेमाल करना ही किसी पार्टी का मुख्य कार्य होता है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिये राजनीतिक पार्टियाँ निम्नलिखित कार्य करती हैं:

चुनाव लड़ना: राजनीतिक पार्टी चुनाव लड़ती है। एक पार्टी अलग अलग निर्वाचन क्षेत्रों के लिये अपने उम्मीदवार को चुनावी मैदान में उतारती है।

नीति बनाना: हर राजनीतिक पार्टी जनहित को लक्ष्य में रखते हुए अपनी नीति बनाती है। वह अपनी नीतियों और कार्यक्रमों को जनता के सामने प्रस्तुत करती है। इससे जनता को इस बात में मदद मिलती है कि वह किसी एक पार्टी का चुनाव कर सके। एक राजनीतिक पार्टी एक ही मानसिकता वाले लाखों करोड़ों मतदाताओं को एक ही छत के नीचे लाने का काम करती है। जब किसी पार्टी को जनता सरकार बनाने के लिये चुनती है तो वह उस पार्टी से अपनी नीतियों और कार्यक्रमों को मूर्त रूप देने की अपेक्षा रखती है।


कानून बनाना: हम जानते हैं कि विधायिका में समुचित बहस के बाद ही कोई कानून बनता है। विधायिका के ज्यादातर सदस्य राजनीतिक पार्टियों के सदस्य होते हैं इसलिए किसी भी कानून के बनने की प्रक्रिया में राजनीतिक पार्टियों की प्रत्यक्ष भूमिका होती है।

सरकार बनाना: जब कोई राजनीतिक पार्टी सबसे ज्यादा सीटों पर चुनाव जीतती है तो वह सरकार बनाती है। सत्ताधारी पार्टी के लोग ही कार्यपालिका का गठन करते हैं। सरकार चलाने के लिये विभिन्न राजनेताओं को अलग अलग मंत्रालयों की जिम्मेदारी दी जाती है।

विपक्ष की भूमिका: जो पार्टी सरकार नहीं बना पाती है उसे विपक्ष की भूमिका निभानी पड़ती है।

जनमत का निर्माण: राजनीतिक पार्टी का एक महत्वपूर्ण काम होता है जनमत का निर्माण करना। इसके लिये वे विधायिका और मीडिया में ज्वलंत मुद्दों को उठाती हैं और उन्हें हवा देती हैं। पार्टी के कार्यकर्ता पूरे देश में फैलकर अपने मुद्दों से जनता को अवगत कराते हैं।

सरकारी मशीनरी तक लोगों की पहुँच बनाना: राजनीतिक पार्टी लोगों और सरकारी मशीनरी के बीच एक कड़ी का काम करती है। वे जनकल्याण योजनाओं को लोगों तक पहुँचाती हैं।



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