रासायनिक अभिक्रिया और समीकरण

आप क्या सीखेंगे:

रासायनिक अभिक्रिया: रासायनिक परिवर्तन को रासायनिक अभिक्रिया भी कहते हैं। जिस परिवर्तन के फलस्वरूप किसी नये पदार्थ का निर्माण होता है उसे रासायनिक परिवर्तन कहते हैं। रासायनिक परिवर्तन को किसी भौतिक विधि द्वारा बदला नहीं जा सकता है। लेकिन कुछ रासायनिक परिवर्तनों को रासायनिक विधि द्वारा उलटा किया जा सकता है; यानि वे उत्क्रमणीय होती हैं। कई रासायनिक प्रतिक्रियाएँ अनुत्क्रमणीय होती हैं, यानि उन्हें बदला नहीं जा सकता है। रासायनिक अभिक्रिया के कुछ लक्षण निम्नलिखित हैं:

रासायनिक समीकरण

रासायनिक समीकरण में किसी भी अभिक्रिया को सरल चिह्नों द्वारा दिखाया जाता है। रासायनिक समीकरण की सहायता से किसी भी रासायनिक अभिक्रिया को लिखना और समझना आसान हो जाता है। किसी भी रासायनिक अभिक्रिया को वाक्य में लिखना बहुत ही जटिल होता है।

जब किसी रासायनिक अभिक्रिया को इस तरह लिखा जाता है कि उसके कारकों के चिह्नों का इस्तेमाल करते हुए सरल तरीके से लिखा जाये तो उसे रासायनिक समीकरण कहते हैं।


रासायनिक समीकरण को लिखने की विधि

किसी भी रासायनिक समीकरण को वर्ड इक्वेशन की तरह लिखा जा सकता है या फिर विभिन्न पदार्थों के सूत्रों की सहायता से। नीचे दिये गये उदाहरण में उस अभिक्रिया को दिखाया गया है जो मैग्नीशियम के फीते को हवा में जलाने से होती है।

मैग्नीशियम + ऑक्सीजन ⇨ मैग्नीशियम ऑक्साइड

अभिकारकों (Reactants) को तीरे की बाईं ओर लिखा जाता है और उत्पादों (products) को तीर की दाईं ओर। एक से अधिक पदार्थों की स्थिति में दो पदार्थों के बीच प्लस (+) का निशान लगाया जाता है। तीर की दिशा उत्पाद की दिशा में होती है और अभिक्रिया की दिशा को बताती है।

ऐसा हो सकता है कि वर्ड इक्वेशन लिखने और समझने में आसान लगता हो लेकिन इसमें स्पेलिंग की गलतियाँ होने की संभावना रहती है। वर्ड इक्वेशन बहुत लम्बे भी हो सकते हैं। इस समस्या को दूर करने के लिये समीकरण लिखने के लिये सूत्रों का इस्तेमाल होता है। ऊपर दिये गये समीकरण को एक मानक रूप में निम्नलिखित तरीके से लिखा जा सकता है:

Mg + O2 ⇨ MgO

संतुलित समीकरण

जब हर तत्व (element) के परमाणुओं (atoms) की संख्या तीर की बाईं ओर तथा दाईं ओर समान होती है तो समीकरण को संतुलित समीकरण कहा जाता है। एक संतुलित समीकरण द्रव्यमानके संरक्षण के नियम (law of conservation of mass) का पालन करता है।

“द्रव्यमान के संरक्षण का नियम: द्रव्यमानका ना तो निर्माण किया जा सकता है और ना ही उसका संहार किया जा सकता है।“


अब रासायनिक समीकरण का एक और उदाहरण लेते हैं:

Zn + H2SO4 ⇨ ZnSO4 + H2

इस समीकरण में तीर के दोनों तरफ विभिन्न तत्वों के परमाणुओं की संख्या को नीचे दिये गये टेबल में दिखाया जा सकता है।

तत्वLHS में परमाणुओं की संख्याRHS में परमाणुओं की संख्या
Zn11
H22
S11
O44

इस समीकरण में LHS और RHS में विभिन्न तत्वों के परमाणुओं की संख्या बराबर है। इसलिए यह एक संतुलित समीकरण है।

अब मैग्नीशियम के फीते को हवा में जलाने के समीकरण को देखते हैं कि वह संतुलित है या नहीं। सबसे पहले LHS और RHSमें विभिन्न तत्वों के परमाणुओं की संख्या कि गिनती करते हैं:

Mg + O2 ⇨ MgO

तत्वLHS में परमाणुओं की संख्याRHS में परमाणुओं की संख्या
Mg11
O21

यह साफ है कि मैग्नीशियम के परमाणुओं की संख्या तीर के दोनों तरफ एक एक है, मतलब बराबर है। लेकिन ऑक्सीजन के परमाणुओं की संख्या अलग अलग है। इसलिये यह द्रव्यमान के संरक्षण के नियम का पालन नहीं करता है।

इस समीकरण को संतुलित करने की विधि:

RHS में MgO के पहले 2 लिखें।

Mg + O2 ⇨ 2MgO

अब इस समीकरण में तीर के दोनों तरफ विभिन्न तत्वों के परमाणुओं की संख्या को नीचे दिये गये टेबल में दिखाया जा सकता है।

तत्वLHS में परमाणुओं की संख्याRHS में परमाणुओं की संख्या
Mg12
O22

अब मैग्नीशियम के परमाणुओं की संख्या को संतुलित करने के लिए LHS में Mg के पहले 2 लिखें।

2Mg + O2 ⇨ 2MgO

अब इस समीकरण में तीर के दोनों तरफ विभिन्न तत्वों के परमाणुओं की संख्या को नीचे दिये गये टेबल में दिखाया जा सकता है।

तत्वLHS में परमाणुओं की संख्याRHS में परमाणुओं की संख्या
Mg22
O22

अब इस समीकरण में LHS और RHS में विभिन्न तत्वों के परमाणुओं की संख्या बराबर है। इसलिए यह एक संतुलित समीकरण है। इस संतुलित समीकरण को निम्नलिखित तरीके से लिखा जा सकता है।

2Mg + O2 ⇨ 2MgO


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