स्वास्थ्य में सरकार की भूमिका

NCERT अभ्यास

प्रश्न 1: इस अध्याय में आपने पढ़ा है कि स्वास्थ्य में सिर्फ बिमारी की बात नहीं की जा सकती है। संविधान से लिए गए एक अंश को यहाँ पढ़िए और अपने शब्दों में समझाइए कि जीवन का स्तर और सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्या मायने होंगे।

संविधान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा यह कहता है कि पोषाहार स्तर और जीवन स्तर को ऊँचा करने तथा लोक स्वास्थ्य का सुधार करने का राज्य का कर्तव्य है।

उत्तर: जीवन का स्तर: जीवन के स्तर का मतलब है कि लोगों को जीवन की बुनियादी सुविधाएँ मिल रही हैं या नहीं। यदि लोगों को पीने के लिए साफ पानी, आस पड़ोस में स्वच्छता, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध हैं तो हम कह सकते हैं कि उनका जीवन स्तर बेहतर है।

सार्वजनिक स्वास्थ्य: सार्वजनिक स्वास्थ्य का मतलब केवल उपचार से नहीं है। संचरणीय बिमारी से रोकथाम भी सार्वजनिक स्वास्थ्य का लक्ष्य होता है। कई ऐसी बिमारियाँ हैं जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलती हैं, जैसे कि हैजा, टीबी, पीलिया, पोलियो, डेंगू, मलेरिया, आदि। सही कदम उठाकर इन बिमारियों को फैलने से रोकना भी सार्वजनिक स्वास्थ्य का लक्ष्य होता है।



प्रश्न 2: सबके लिए स्वास्थ्य की सुविधाएँ उपब्ध कराने के लिए सरकार कौन-कौन से कदम उठा सकती है? चर्चा कीजिए।

उत्तर: सबके लिए स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए सरकार कई कदम उठा सकती है। इनमें से कुछ नीचे दिए गए हैं।

प्रश्न 3: आपको अपने इलाके में सार्वजनिक और निजी स्वास्थ्य सेवाओं में क्या-क्या अंतर देखने को मिलते हैं? नीचे दी गई तालिका को भरते हुए इनकी तुलना कीजिए और अंतर बताइए।

उत्तर:

सुविधासामर्थ्यउपलब्धतागुणवत्ता
निजीअधिकतर लोगों में निजी सुविधाओं के लिए सामर्थ्य नहीं है।शहरी क्षेत्रों में उपलब्धता अच्छी है।अच्छी
सार्वजनिकअधिकतर सेवाएँ मुफ्त हैं या मामूली कीमत पर उपलब्ध हैं।ग्रामीण क्षेत्रों नगण्य है।कई सरकारी अस्पतालों की स्थिति बहुत खराब है।

प्रश्न 4: पानी और साफ-सफाई की गुणवत्ता को सुधार कर अनेकों बिमारियों की रोकथाम की जा सकती है। उदाहरण देते हुए इस कथन को स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: पेचिश, हैजा और पीलिया जैसे रोग दूषित पानी और भोजन के कारण फैलते हैं। यदि लोगों को पीने का साफ पानी मिले तो इन बिमारियों की रोकथाम आसानी से हो सकती है।

नालियों में जमा हुए पानी में मच्छर अंडे देते हैं। मच्छरों से मलेरिया और डेंगू फैलता है। यदि मच्छरों की आबादी बढ़ने रोक दिया जाए तो इन बिमारियों की रोकथाम की जा सकती है। यदि हम अपने आस पास पानी जमा न होने दें तो हम मच्छरों के अंडे देने के जगह को काफी हद तक कम कर सकते हैं।

खुले में शौच करने से कई बिमारियाँ फैलती हैं। पोलियो ऐसी ही एक बिमारी है जो काफी खतरनाक होती है। गाँव गाँव में शौचालय बनवाकर खुले में शौच को रोका जा सकता है।



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