कैसे कब कहाँ

तारीख का महत्व

ज्यादातर लोगों के लिए इतिहास का मतलब होता है किसी घटना को किसी न किसी तारिख से जोड़ना। कई लोग तो तारीखों को याद ना रख पाने की वजह से इतिहास पढ़ने से दूर ही रहना पसंद करते हैं। यह समझने की कोशिश करते हैं कि क्या तारीख वाकई उतने महत्वपूर्ण हैं जितनी कि आम धारणा है।

कई ऐतिहासिक घटनाओं को तारीखों से जोड़कर देखा जाता है। इसके पीछे कई कारण हैं। इतिहास के अधिकतर हिस्से में राजाओं की चर्चा होती है। राजा किस तारीख को गद्दी पर बैठा, किस तारीख को महत्वपूर्ण युद्ध लड़ा, उसका उत्तराधिकारी कब पैदा हुआ, आदि। ऐसी घटनाओं को बताने में तारीख की भूमिका अहम हो जाती है।

लेकिन कुछ घटनाएँ किसी एक तारीख पर न होकर एक लंबी अवधि के दौरान होती हैं। जैसे, अंग्रेजी शासन किसी खास तारीख को नहीं शुरु हुआ था, बल्कि एक लंबे समय तक चलने वाले घटनाचक्र का परिणाम था। हम कहते हैं कि भारत 15 अगस्त 1947 को आजाद हुआ, लेकिन यह आजादी एक लंबे समय तक चलने वाले संघर्ष का नतीजा थी। इसी तरह से आलू या चाय का इस्तेमाल अचानक से किसी खास तारीख को भारत में शुरु नहीं हुआ। धीरे-धीरे यहाँ के लोगों को आलू खाने या चाय पीने की आदत लगी होगी। ऐसी घटनाओं को समझने के लिए हम एक लंबी अवधि पर गौर करते हैं जिसमें तारीख की भूमिका गौण हो जाती है।


अंग्रेजी इतिहासकार

जेम्स मिल: ये स्कॉटलैंड के अर्थशास्त्री और राजनीतिशास्त्री थे। 1817 में जेम्स मिल ने ए हिस्ट्री ऑफ ब्रिटिश इंडिया नाम से एक किताब लिखी। इस किताब में मिल ने भारत के इतिहास को तीन कालों में बाँट दिया था, हिंदू, मुस्लिम और ब्रिटिश काल।

मिल की आलोचना

कई इतिहासकारों को जेम्स मिल के इस नामकरण में खामियाँ नजर आईं। जेम्स मिल को लगता था कि अंग्रेजी राज शुरु होने से पहले भारत में मुसलमान राजाओं का शासन था और उनके पहले हिंदू राजाओं का शासन। अंग्रेजी राज शुरु होने के पहले का दौर एक अंधकार भरा समय था। जेम्स मिल को यह भी लगता था कि अंग्रेजी शासन से ही भारत के लोग सभ्य और शिक्षित हो पाएंगे। लेकिन वास्तविकता इससे अलग थी। भारत में शिक्षा और सभ्यता का विकास आज से हजारों वर्ष पहले शुरु हो चुका था। मुगल काल हो या मौर्य साम्राज्य का काल, भारत ने शिक्षा, कला, विज्ञान, आदि के क्षेत्र में काफी तरक्की की थी इसलिए उस काल को अंधकार भरा समय कहना बिलकुल गलत होगा। ऐसा भी नहीं हुआ था कि किसी खास तारीख से अचानक से सारे हिंदू राजाओं की सत्ता जाती रही और मुगल साम्राज्य शुरु हो गया।

अन्य इतिहासकारों का मत

कुछ अन्य इतिहासकारों ने भारतीय इतिहास को तीन अलग-अलग हिस्सों में बाँटा है, प्राचीन, मध्यकालीन और आधुनिक। इस वर्गीकरण में भी कई कमियाँ हैं। आधुनिक काल की तुलना में मध्यकाल और प्राचीन काल को पिछड़ा समझा जाता है। ऐसा माना जाता है कि उस दौरान लोगों के पास वैज्ञानिक समझ नहीं थी। लेकिन यदि हम गौर से देखें तो पाएँगे कि कई महान वैज्ञानिक खोज उस काल में हो चुके थे, जैसे शून्य, बीजगणित, पाई का मान, खगोलशास्त्र का ज्ञान, आदि।

प्राशासनिक रेकॉर्ड

अंग्रेजी राज के समय के प्राशासनिक रेकॉर्ड से हमें उस समय के इतिहास के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियाँ मिलती हैं। अंग्रेजी शासकों का मानना था कि हर निर्देश, योजना, नीति, निर्णय, जाँच, आदि को स्पष्ट रूप से लिखित में रखना चाहिए। लिखित रेकॉर्ड रहने से उनका अध्ययन और उनपर उचित बहस संभव हो पाता है। इसलिए अंग्रेजी प्रशासक हर आधिकारिक रेकॉर्ड को पूरी तरह सुरक्षित रखते थे और उनके लिए अभिलेखागार बनवाए।

लेकिन इन रेकॉर्ड का अध्ययन करते समय हमें एक बात का ध्यान रखना चाहिए। यह ध्यान देना होगा कि इन रेकॉर्डों में जो भी लिखा गया था वह अंग्रेज अधिकारियों की मानसिकता के हिसाब से लिखा गया होगा। हो सकता है कि लिखते समय कुछ मुद्दों को नजरअंदाज किया गया होगा या अपनी जरूरत के हिसाब से फेरबदल कर लिखा गया होगा। इसलिए इन रेकॉर्ड से आम आदमी के जीवन के बारे में ठीक से पता नहीं चलता।

सर्वे

अंग्रेजों का मानना था कि किसी देश पर शासन करने के लिए उस देश के बारे में अधिक से अधिक जानकारी जरूरी थी। इसलिए उन्नीसवीं सदी में पूरे देश में विस्तृत सर्वे कराए गए। ऐसे सर्वेक्षण गाँव-गाँव में कराए गए थे। उसके बाद हर जगह की आबादी, जाति, संप्रदाय, प्राणीजात और वनस्पतिजात के बारे में आँकड़े इकट्ठे किए गए। जनगणना भी उसी समय शुरु की गई थी। आज उन सर्वे को देखकर आपको पता चलेगा कि कभी भारत में वन सम्पदा कितनी सम्पन्न हुआ करती थी।


NCERT अभ्यास

प्रश्न 1: सही और गलत बताएँ

  1. जेम्स मिल ने भारतीय इतिहास को हिंदू, मुसलिम, ईसाई, तीन काल खंडों में बाँट दिया था।
  2. सरकारी दस्तावेजों से हमें ये समझने में मदद मिलती है कि आम लोग क्या सोचते हैं।
  3. अंग्रेजों को लगता था कि सही तरह से शासन चलाने के लिए सर्वेक्षण महत्वपूर्ण होते हैं।

उत्तर: (a) सही, (b) गलत, (c) सही

प्रश्न 2: जेम्स मिल ने भारतीय इतिहास को जिस तरह काल खंडों में बाँटा है, उसमें क्या समस्याएँ हैं?

उत्तर: कई इतिहासकारों को जेम्स मिल के इस नामकरण में खामियाँ नजर आईं। जेम्स मिल को लगता था कि अंग्रेजी राज शुरु होने से पहले भारत में मुसलमान राजाओं का शासन था और उनके पहले हिंदू राजाओं का शासन। अंग्रेजी राज शुरु होने के पहले का दौर एक अंधकार भरा समय था। जेम्स मिल को यह भी लगता था कि अंग्रेजी शासन से ही भारत के लोग सभ्य और शिक्षित हो पाएंगे। लेकिन वास्तविकता इससे अलग थी। भारत में शिक्षा और सभ्यता का विकास आज से हजारों वर्ष पहले शुरु हो चुका था। मुगल काल हो या मौर्य साम्राज्य का काल, भारत ने शिक्षा, कला, विज्ञान, आदि के क्षेत्र में काफी तरक्की की थी इसलिए उस काल को अंधकार भरा समय कहना बिलकुल गलत होगा। ऐसा भी नहीं हुआ था कि किसी खास तारीख से अचानक से सारे हिंदू राजाओं की सत्ता जाती रही और मुगल साम्राज्य शुरु हो गया।

प्रश्न 3: अंग्रेजों ने सरकारी दस्तावेजों को किस तरह सुरक्षित रखा?

उत्तर: सरकारी दस्तावेजों को सुरक्षित रखने के लिए हर जिले और ब्लॉक में अभिलेखागार बनवाए गए थे। आज भी आपको कलेक्टर के ऑफिस में ऐसे रेकॉर्ड रूम देखने को मिल जाएँगे।

प्रश्न 4: इतिहासकार पुराने अखबारों से जो जानकारी जुटाते हैं वह पुलिस की रिपोर्टों में उपलब्ध जानकारी से किस तरह अलग होती है?

उत्तर: पुलिस की रिपोर्ट में उस समय के शासकों के हिसाब से बात लिखी गई होगी। हो सकता है कि रिपोर्ट दर्ज करने वाला अफसर पूर्वाग्रह से ग्रसित हो। अखबार में उसे लिखने वाले रिपोर्टर के हिसाब से बात लिखी गई होगी। लेकिन एक ही अखबार की रिपोर्ट पर भरोसा करना गलत होगा। कई अखबारों की रिपोर्ट पढ़ने के बाद ही असलियत पता चल सकती है।



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