अनोखा सम्राट अशोक

NCERT Solution

प्रश्न 1: मौर्य साम्राज्य में विभिन्न काम धंधे में लगे लोगों की सूची बनाओ।

उत्तर: मौर्य साम्राज्य में विभिन्न काम धंधे में लोग लगे थे। इनमें से कुछ नीचे दिये गये हैं:

  1. किसान, पशुपालक, शिल्पकार और व्यापारी लोगों की जरूरतों को पूरा करते थे।
  2. राजा द्वारा नियुक्त अधिकारी इनसे कर वसूलते थे।
  3. संदेशवाहक, एक जगह से दूसरी जगह संदेश पहुँचाते थे।
  4. जासूस अधिकारियों के कार्य कलापों पर नजर रखते थे।

प्रश्न 2: रिक्त स्थानों को भरो।
(क) जहाँ पर सम्राटों का सीधा शासन था वहाँ अधिकारी ------ वसूलते थे।
(ख) राजकुमारो को अक्सर प्रांतों में -------- के रूप में भेजा जाता था।
(ग) मौर्य शासक आवागमन के लिए महत्वपूर्ण -------- और -------- पर नियंत्रण रखने का प्रयास करते थे।
(घ) प्रदेशों में रहने वाले लोग मौर्य अधिकारियों को ----------- दिया करते थे।

उत्तर: (क) कर (ख) गवर्नर (ग) मार्गों, नदियों (घ) हाथी, लकड़ी, मधु और सोम

प्रश्न 3: बताओ कि निम्नलिखित वाक्य सही हैं या गलत
(क) उज्जैन उत्तर पश्चिम की तरफ आवागमन के मार्ग पर था।
(ख) आधुनिक पाकिस्तान और अफगानिस्तान के इलाके मौर्य साम्राज्य के अंदर थे।
(ग) चंद्रगुप्त के विचार अर्थशास्त्र में लिखे गए हैं।
(घ) कलिंग बंगाल का प्राचीन नाम था।
(ङ) अशोक के ज्यादातर अभिलेख ब्राह्मी लिपी में है।

उत्तर: (क) गलत (ख) सही (ग) सही (घ) गलत ( ) सही

प्रश्न 4: उन समस्याओं की सूची बनाओ जिनका समाधान अशोक धम्म द्वारा करना चाहता था।

उत्तर: अशोक के साम्राज्य में अलग अलग धर्मों को मानने वाले लोग रहते थे। इससे कई बार मतभिन्नता के कारण टकराव की स्थिति पैदा हो जाती थी। उस समय जानवरों की बलि चढ़ाई जाती थी। दासों और नौकरों के साथ दुर्व्यवहार किया जाता था। साथ ही पड़ोसियों और परिवारों में भी कलह चलता रहता था। जिसका निवारण वे धम्म द्वारा करना चाहते थे।

प्रश्न 5: धम्म के प्रचार के लिए अशोक ने किन किन साधनों का प्रयोग किया?

उत्तर: अशोक ने अपने संदेश अभिलेखों द्वारा जनता तक पहुंचाने की कोशिश की। उसके ज्यादातर संदेश प्राकृत भाषा और ब्राह्मी लिपि में अभिलेखों पर उत्कीर्ण(उत्कृत) मिले हैं। उसने धम्म- महामात्त नाम के अधिकारियों की नियुक्ति की थी, जो जगह जगह जाकर धम्म की शिक्षा देते थे। उसने अपने संदेशों को शिलाओं और स्तंभों पर खुदवाया। जो लोग खुद पढ़ नहीं सकते थे अधिकारी उन्हें संदेश पढ़कर सुनाते थे।

प्रश्न 6: तुम्हारे अनुसार दासों और नौकरों के साथ बुरा व्यवहार क्यों किया जाता होगा? क्या तुम्हें ऐसा लगता है कि सम्राट के आदेशों से उनकी स्थिति मे कोई सुधार आया होगा? अपने जवाब के लिए कारण बताओ।

उत्तर: दासों और नौकरों का जीवन सदा से ही मालिकों की दया पर चलता है। इसलिए उसकी स्थिति दयनीय और कमजोर होती है। जिसका फायदा उठाकर मालिक उसके साथ बुरा व्यवहार करते होंगे। उस समय राजा के अधिकारी सभी कामों को कार्यांवित करते थे। काम सही तरीके से हो, इसके लिए जासूस रखे जाते थे। इन सबके उपर राजा होता था। सबसे उपर सम्राट था जो अशोक खुद था। इन सारी व्यवस्थाओं से ये संभावना लगती है कि दासों की स्थिति में सुधार हुआ होगा।


Extra Question Answers

प्रश्न 1: मौर्य साम्राज्य की स्थापना किसने और कब की?

उत्तर: मौर्य साम्राज्य की स्थापना चंद्रगुप्त मौर्य ने 2300 साल पहले की।

प्रश्न 2: इस साम्राज्य का सबसे महान सम्राट कौन था?

उत्तर: अशोक

प्रश्न 3: उत्तर पश्चिम और मध्य एशिया के लिए आने जाने का मार्ग किस नगर से था?

उत्तर: तक्षशिला

प्रश्न 4: उत्तरी भारत से दक्षिणी भारत जाने वाले रास्ते में कौन सा नगर पड़ता था?

उत्तर: उज्जैन

प्रश्न 5: मेगास्थनीज कौन था?

उत्तर: चंद्रगुप्त के दरबार में पश्चिम-एशिया के यूनानी राजा सेल्यूकस निकेटर का राजदूत का नाम मेगास्थनीज था।

प्रश्न 6: अशोक ने कलिंग पर कब विजय प्राप्त की?

उत्तर: राजा बनने के आठ साल बाद

प्रश्न 7: कलिंग किस जगह का प्राचीन नाम है?

उत्तर: तटवर्ती उड़ीसा

प्रश्न 8: धम्म के विचारों को प्रसारित करने के लिए अशोक ने भारत से बाहर कहाँ कहाँ दूत भेजे?

उत्तर: सीरिया, मिश्र, ग्रीस और श्रीलंका

प्रश्न 9: साम्राज्य और राज्य में क्या अंतर था?

उत्तर: साम्राज्य राज्य से बड़ा होता था। साम्राज्य मे कई राज्य होते थे। इसको चलाने के लिए राज्य की तुलना में ज्यादा संसाधनो की जरूरत होती थी। साथ ही इसकी सुरक्षा के लिए ज्यादा बड़ी सेना रखनी पड़ती थी। इन सारी आवशयकताओं की पूर्ति के लिए कर वसूलने के लिए ज्यादा अधिकारी को नियुक्त करना पड़ता था।

प्रश्न 10: धम्म के अंतर्गत किन बातों पर जोर दिया गया?

उत्तर: धम्म के अनुसार निम्नलिखित बातों पर जोर दिया गया:

  1. अपने दासों और नौकरों के साथ अच्छा व्यवहार करना चाहिए।
  2. बड़ों का आदर करना चाहिए। सभी जीवों पर दया करना चाहिए।
  3. ब्राह्मणों और श्रमणो को दान देना चाहिए। सभी धर्मों का आदर करना चाहिए।


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