क्या, कब, कहाँ, और कैसे?

आप क्या सीखेंगे:

इतिहास का क्या मतलब है?

मानव के बीते हुए कल की कहानी को इतिहास कहते हैं। मानव समाज में विभिन्न कालों में तरह तरह के बदलाव हुए हैं। इतिहास से हमें इन बदलावों का पता चलता है।


इतिहास का महत्व:

लोग कहाँ रहते थे

Map of India Prehistoric sites

भारतीय उपमहाद्वीप में प्रागैतिहासिक काल में लोग निम्नलिखित स्थानों पर रहते थे:

  • नर्मदा नदी के तट पर
  • उत्तर-पश्चिम में स्थित सुलेमान और किरथर पहाड़ियों पर
  • पूर्वोत्तर की गारो पहाड़ियों पर और मध्य भारत की विंध्य पहाड़ियों पर
  • सिंधु और उसकी सहायक नदियों के पास
  • गंगा और सोन नदियों के किनारे

नर्मदा नदी: कई हजार वर्षों तक लोग नर्मदा नदी के नजदीक रहते थे। वे लोग शिकार करते थे, या फिर कंद-मूल-फल इकट्ठा करते थे। ऐसे लोग किसी एक स्थान पर नहीं रहते थे, बल्कि खानाबदोश या बंजारे थे।

सुलेमान और किरथर की पहाड़ियाँ: इन पहाड़ियों में लोग लगभग 8000 वर्ष पहले रहते थे। वे उन पहले लोगों में से थे जिन्होंने खेती की शुरुआत की थी। वे गेहूँ और जौ की खेती करते थे। ये लोग भेड़, बकरी तथा गाय-बैलों को पाला करते थे। ये लोग एक स्थाई जीवन जीवन जीते थे, यानि एक ही स्थान पर टिक कर रहते थे। इसी समय के आसपास गांवों का निर्माण होने लगा था।

गारो और विंध्य की पहाड़ियाँ: गारो की पहाड़ियों में रहने वाले लोग उन पहले लोगों में से थे जिन्होंने धान की खेती शुरु की। विंध्याचल के उत्तर की तरफ भी धान की खेती होती थी।

सिंधु और उसकी सहायक नदियाँ: सिंधु और उसकी सहायक नदियों के आस पास आरंभिक शहरों का विकास लगभग 4700 वर्ष पहले हुआ।

गंगा और सोन: गंगा नदी के किनारों पर शहरों का विकास लगभग 2500 वर्ष पहले शुरु हुआ। कुछ शहर सोन जैसी सहायक नदियों के किनारे भी विकसित हुए। कुछ शहरों का विकास समुद्री तटों पर भी हुआ।



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