9 समाज शास्त्र

लोकतंत्र का अर्थ

आज दुनिया के अधिकांश देशों में लोकतांत्रिक सरकारें हैं। लोकतंत्र में कई खामियाँ होने के बावजूद अधिक से अधिक देशों ने इस शासन व्यवस्था को अपनाया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था अधिक से अधिक लोगों को पसंद आई। इस अध्याय में आप लोकतंत्र की परिभाषा, उसके लक्षणों और उसके गुण दोषों के बारे में पढ़ेंगे।

लोकतंत्र: जिस प्रकार की शासन व्यवस्था में शासकों को लोगों द्वारा चुना जाता है उसे लोकतंत्र कहते हैं।

इसे समझने के लिए म्यांमार का उदाहरण लेते हैं। अभी हाल ही में म्यांमार की सेना ने तख्तापलट करके सत्ता अपने हाथ में ले ली है। चूँकि सेना को वहाँ की जनता ने चुनकर शासन करने नहीं भेजा है इसलिए म्यांमार में लोकतंत्र नहीं है। इसी तरह से सउदी अरब का उदाहरण देखते हैं, जहाँ राजा का शासन है। उस राजा को किसी ने चुना नहीं है बल्कि वह तो राजपरिवार में जन्म लेने के कारण राजा बनने का अधिकार रखता है। इसलिए सउदी अरब में भी लोकतंत्र नहीं है।

अरस्तू: कई लोगों के शासन को लोकतंत्र कहते हैं, कुछ मुट्ठी भर लोगों के शासन को राजशाही कहते हैं और एक व्यक्ति के शासन को तानाशाही कहते हैं।

लोकतांत्रिक शासन में सरकार चलाने वाली विधायिका को चुनने का अधिकार लोगों के पास होता है। सबसे पहले ग्रीस के शहरों की शासन व्यवस्था के लिए इस शब्द का इस्तेमाल पाँचवीं सदी में हुआ था।

लोकतंत्र के लक्षण

आखिरी फैसला लेने का अधिकार उनके पास होता है जिन्हें जनता चुनती है।

किसी भी लोकतंत्र के लिए निष्पक्ष और भयमुक्त चुनाव का होना जरूरी है। चुनाव में सत्ता दल के हारने की ठीक ठाक संभावना होनी चाहिए। भारत में समय समय पर चुनाव होते हैं और चुनाव के बाद सरकारें बदल भी जाती हैं। लेकिन चीन और रूस में चुनाव होने के बावजूद एक ही पार्टी का शासन रहता है। इससे स्पष्ट होता है कि भारत में लोकतंत्र फल फूल रहा है जबकि चीन और रूस में लोकतंत्र महज एक दिखावा है।

हर वयस्क नागरिक के पास एक वोट होना चाहिए और हर वोट का मान समान होना चाहिए।

लोकतांत्रिक सरकार उन नियमों के तहत काम करती जो संविधान द्वारा बनाये गये हैं जिनसे नागरिकों के अधिकारों का उल्लंघन नहीं होता है।

लोकतंत्र के विरोध में तर्क

  • नेतृत्व बदलने से अस्थिरता का खतर रहता है।
  • लोकतंत्र में राजनैतिक प्रतिस्पर्धा और सत्ता का खेल होता है। ऐसे में नैतिकता की अपेक्षा करना ही बेमानी है।
  • लोकतंत्र में कई लोगों की सहमति लेनी होती है इसलिए निर्णय लेने में बहुत समय लगता है।
  • चुने हुए प्रतिनिधि इस बात से अनभिज्ञ हो सकते हैं कि लोगों के लिए क्या अच्छा है। इसलिए कई बार लोकतंत्र में गलत फैसले भी लिए जाते हैं।
  • लोकतंत्र में चुनावी प्रतिस्पर्धा के कारण भ्रष्टाचार का जन्म होता है।
  • साधारण लोग शायद पूरे समुदाय की भलाई के बारे में समझ न पाएँ। इसलिए उन्हें लोकतंत्र की निर्णय प्रक्रिया में शामिल नहीं करना चाहिए।

लोकतंत्र के पक्ष में तर्क

  • लोगों के प्रति अधिक जवाबदेह होने के कारण अन्य प्रकार की सरकारों की तुलना में लोकतांत्रिक सरकार बेहतर है।
  • निर्णय लेने की प्रक्रिया में कई लोगों से परामर्श लिया जाता है इसलिए लोकतंत्र निर्णय लेने की गुणवत्ता अच्छी होती है।
  • लोकतंत्र से हमें विवाद और मतभेद सुलझाने के लिए उचित तरीके मिल जाते हैं। भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में सामाजिक मतभेद और तनाव बहुत तीखे हो सकते हैं। ऐसे मतभेदों का निबटारा लोकतंत्र में ही बेहतर और सर्वमान्य तरीके से हो सकता है।
  • लोकतंत्र लोगों को मूलभूत अधिकार देता है और इस तरह लोगों के आत्मसम्मान की रसा करता है।
  • लोकतंत्र में अपनी गलतियों को सुधारनेकी गुंजाईश भी रहती है।

सारांश

इस अध्याय में आपने लोकतंत्र की परिभाषा के बारे में पढ़ा जिसका मुख्य अर्थ है ऐसी शासन व्यवस्था जिसमें शासक को लोगों द्वारा चुना जाता है। लोकतंत्र के लिए आवश्यक शर्तें हैं हर वयस्क को मताधिकार, लोगों के पास दो या दो से अधिक विकल्पों का होना और नागरिक अधिकारों की मान्यता। लोकतंत्र में कई खामियाँ हैं, जैसे कि सुस्त गति से निर्णय लेना, अराजकता की आशंका, और राजनैतिक प्रतिस्पर्धा के कारण उपजी अनैतिकता। लेकिन अपनी तमाम खामियों के बावजूद अन्य शासन व्यवस्थाओं की तुलना में लोकतंत्र एक बेहतर व्यवस्था है क्योंकि इसमें लोगों की इच्छाओं और अधिकारों का खयाल रखा जाता है।