गति के नियम

NCERT अभ्यास

Part 1

प्रश्न 1: कोई वस्तु शून्य बाह्य असंतुलित बल का अनुभव करती है। क्या किसी भी वस्तु के लिए अशून्य वेग से गति करना संभव है? यदि हाँ, तो वस्तु के वेग के परिमाण एवं दिशा पर लगने वाली शर्तों का उल्लेख करें। यदि नहीं, तो कारण स्पष्ट करें।

उत्तर: कोई वस्तु निम्नलिखित परिस्थितियों में अशून्य वेग से गति करना संभव है:

प्रश्न 2: जब किसी छड़ी से एक दरी को पीटा जाता है, तो धूल के कण बाहर आ जाते हैं। स्पष्ट करें।

उत्तर: जब किसी छड़ी से दरी को पीटा जाता है तो दरी में मौजूद धूलकण विराम अवस्था में ही रहना चाहते हैं। इसलिए छड़ी से दरी को पीटने पर धूल के कण बाहर आ जाते हैं।


प्रश्न 3: बस की छत पर रखे सामान को रस्सी से क्यों बाँधा जाता है?

उत्तर: जब बस की गति में अचानक परिवर्तन होगा तो छत पर रखे सामान को जड़त्व के कारण झटके लग सकते हैं। ऐसा तब होता है जब बस की गति अचानक से बढ़ती है या घटती है। ऐसा तब भी होता है जब बस किसी तीखे मोड़ पर मुड़ती है। ऐसे में सामान को नीचे गिरने से बचाने के लिए उसे रस्सी से बाँधा जाता है।

प्रश्न 4: किसी बल्लेबाज द्वारा क्रिकेट की गेंद को मारने पर गेंद जमीन पर लुढ़कती है। कुछ दूरी चलने के पश्चात गेंद रुक जाती है। गेंद रुकने के लिए धीमी होती है, क्योंकि

  1. बल्लेबाज ने गेंद को पर्याप्त प्रयास से हिट नहीं किया है।
  2. वेग गेंद पर लगाए गए बल के समानुपाती है।
  3. गेंद पर गति की दिशा के विपरीत एक बल कार्य कर रहा है।
  4. गेंद पर कोई असंतुलित बल कार्यरत नहीं है, अत: गेंद विरामावस्था में आने के लिए प्रयासरत है।

उत्तर: (c) गेंद पर गति की दिशा के विपरीत एक बल कार्य कर रहा है।

प्रश्न 5: एक ट्रक विरामावस्था से किसी पहाड़ी से नीचे की ओर नियत त्वरण से लुढ़कना शुरु करता है। यह 20 सेकंड में 400 मी की दूरी तय करता है। इसका त्वरण ज्ञात करें। अगर इसका द्रव्यमान 7 टन है तो इस पर लगने वाले बल की गणना करें। (1 टन = 1000 किग्रा)

उत्तर: प्रारंभिक गति u = 0 मी प्रति सेकंड, अंतिम गति v = ?, समय t = 20 सेकंड, दूरी s = 400 मी, द्रव्यमान m = 7000 किग्रा

त्वरण का मान इस तरह से निकाला जा सकता है

`s=ut+1/2at^2`

या `400=1/2a\xx\20^2`

या `200a=400`

या `a=(400)/(200)=2` मी प्रति वर्ग सेकंड

अब बल का मान इस तरह से निकाला जा सकता है

`F=ma`

`=7000xx2=14000` N

प्रश्न 6: 1 किग्रा द्रव्यमान के एक पत्थर को 20 मी प्रति सेकंड के वेग से झील की जमी हुई सतह पर फेंका जाता है। पत्थर 50 मी की दूरी तय करने के बाद रुक जाता है। पत्थर और बर्फ के बीच लगने वाले घर्षण बल की गणना करें।

उत्तर: दिया गया है द्रव्यमान m = 1 kg, प्रारंभिक गति u = 20 m/s, दूरी s = 50 m

सबसे पहले हम त्वरण का मान निकालेंगे

`a=(v^2-u^2)/(2s)`

`=(0-20^2)/(2xx50)`

`=-(400)/(100)=-4` m s-2

अब घर्षण बल का मान इस तरह से निकाल सकते हैं:

`F=ma`

`=1xx-4=-4` N

नेगेटिव साइन से पता चलता है कि घर्षण का बल गति की विपरीत दिशा में काम कर रहा है।

प्रश्न 7: एक 8000 किग्रा द्रव्यमान का रेल इंजन प्रति 2000 किग्रा द्रव्यमान वाले पाँच डिब्बों को सीधी पटरी पर खींचता है। यदि इंजन 40000 N का बल आरोपित करता है तथा यदि पटरी 5000 N का घर्षण बल लगाती है, तो ज्ञात करें:

(a) नेट त्वरण बल तथा

उत्तर: 40000 – 5000 = 35000

(b) रेल का त्वरण

उत्तर: F = m × a

`35000=10000xx\a`

`a=(35000)/(10000)=3.5`

यहाँ पर पाँच डिब्बों का द्रव्यमान लिया गया है क्योंकि इंजन पाँचों डिब्बों को खींच रहा है।

प्रश्न 8: एक गाड़ी का द्रव्यमान 1500 किग्रा है। यदि गाड़ी को 1.7 मी प्रति वर्ग सेकंड के ऋणात्मक त्वरण के साथ विरामावस्था में लाना है, तो गाड़ी तथा सड़क के बीच लगने वाला बल कितना होगा?

उत्तर: F = m × a

`=1500xx1.7=2550` N


प्रश्न 9: किसी m द्रव्यमान की वस्तु जिसका वेग v है का संवेग क्या होगा?

  1. (mv)2
  2. mv2
  3. ½ mv2
  4. mv

उत्तर: (d) mv

प्रश्न 10: हम एक लकड़ी के बक्से को 200 N बल लगाकर उसे नियत वेग से फर्श पर धकेलते हैं। बक्से पर लगने वाला घर्षण बल क्या होगा?

उत्तर: हम जानते हैं कि प्रत्येक क्रिया के बराबर और विपरीत प्रतिक्रिया होती है। इसलिए बक्से पर लगने वाला घर्षण बल 200 N होगा।

प्रश्न 11: दो वस्तुएँ, प्रत्येक का द्रव्यमान 1.5 किग्रा है, एक ही सीधी रेखा में एक दूसरे की विपरीत दिशा में गति कर रही हैं। टकराने के पहले प्रत्येक का वेग 2.5 मी प्रति सेकंड है। टकराने के बाद यदि दोनों एक दूसरे से जुड़ जाती हैं, तब उनका सम्मिलित वेग क्या होगा?

उत्तर: चूँकि दोनों के द्रव्यमान और वेग बराबर हैं लेकिन दोनों के वेग की दिशा एक दूसरे के विपरीत है इसलिए दोनों के संवेग बराबर लेकिन विपरीत दिशा में होंगे। इसलिए टकराने के बाद दोनों का वेग शून्य हो जायेगा और वस्तुएँ स्थिर हो जाएँगी।

इसे इस तरह से समझा जा सकता है।

टक्कर के पहले का संवेग = 1.5 × 2.5 = 3.75

इसलिए टक्कर के पहले का कुल संवेग = 3.75 – 3.75 = 0

संवेग संरक्षण के नियम के अनुसार टक्कर के बाद का कुल संवेग भी 0 होगा

टकराने के बाद दोनों एक दूसरे से जुड़ जाती हैं यानि दोनों का वेग एक ही दिशा में होगा। टकराने के बाद दोनों का सम्मिलित द्रव्यमान = 1.5 + 1.5 = 3 किग्रा

यदि अंतिम वेग = v

`p=mv`

या `0=3xxv`

या `v=0`

प्रश्न 12: गति के तृतीय नियम के अनुसार जब हम किसी वस्तु को धक्का देते हैं, तो वस्तु उतने ही बल के साथ हमें भी विपरीत दिशा में धक्का देती है। यदि वह वस्तु एक ट्रक है जो सड़क के किनारे खड़ा है; संभवत: हमारे द्वारा बल आरोपित करने पर भी गतिशील नहीं हो पायेगा। एक विद्यार्थी इसे सही साबित करते हुए कहता है कि दोनों बल विपरीत एवं बराबर हैं जो एक दूसरे को निरस्त कर देते हैं। इस तर्क पर अपने विचार दें और बताएँ कि ट्रक गतिशील क्यों नहीं हो पाता?

उत्तर: ट्रक का द्रव्यमान हमारी तुलना में बहुत अधिक होता है इसलिए उसका जड़त्व भी अधिक होता है। इसलिए ट्रक और सड़क के बीच उपस्थित घर्षण बल के विरुद्ध हम पर्याप्त असंतुलित बल उत्पन्न नहीं कर पाते हैं और ट्रक को गति में नहीं ला पाते हैं।

प्रश्न 13: 200 ग्रा द्रव्यमान की एक हॉकी की गेंद 10 मी प्रति सेकंड से गति कर रही है। यह एक हॉकी स्टिक से इस प्रकार टकराती है कि यह 5 मी प्रति सेकंड के वेग से अपने प्रारंभिक मार्ग पर वापस लौटती है। हॉकी स्टिक द्वारा आरोपित बल द्वारा हॉकी की गेंद में आये संवेग परिवर्तन के परिमाप का परिकलन कीजिए।

उत्तर: गेंद का द्रव्यमान = 200 ग्रा = 0.2 किग्रा, प्रारंभिक गति = 10 मी प्रति सेकंड, अंतिम गति = 5 मी प्रति सेकंड

संवेग परिवर्तन को इस तरह निकाला जा सकता है।

`=mv-mu`

`=0.2(5-10)=-1` किग्रा प्रति मीटर

ऋणात्मक मान से पता चलता है कि संवेग घट जाता है।



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