चतुर्भुज

अभ्यास 2

प्रश्न 1: ABCD एक चतुर्भुज है जिसमें P, Q, R और S क्रमश: भुजाओं AB, BC, CD और DA के मध्य बिंदु हैं। AC उसका एक विकर्ण है। दर्शाइए कि

quadrilateral
  1. SR || AC और SR = `1/2` AC है।
  2. PQ = SR है।
  3. PQRS एक समांतर चतुर्भुज है।

उत्तर: भुजा SR को T तक बढ़ाईए ताकि CT और AS समांतर हो जाएँ

ΔDSR और ΔCRT में

DR = RC (R भुजा DC का मध्यबिंदु है)

∠DRS = ∠TRS (सम्मुख कोण)

∠DSR = ∠RTC (ST के एकांतर कोण)

इसलिए, ΔDSR ≅ ΔCRT

इसलिए, SR = RT

ST = AC (सम्मुख भुजाएँ)

इसलिए, `SR=1/2\AC`

चूँकि DA और DC के मध्य बिंदुओं को SR स्पर्श करता है, मध्य बिंदु प्रमेय के अनुसार, SR||AC

इसी तरह AC || PQ को सिद्ध किया जा सकता है जिससे यह साबित होगा कि PQRS एक समांतर चतुर्भुज है।


प्रश्न 2: ABCD एक समचतुर्भुज है, जिसमें P, Q, R और S क्रमश: भुजाओं AB, BC, CD और DA के मध्य बिंदु हैं। दर्शाइए कि PQRS एक आयत है।

quadrilateral

उत्तर: पिछले प्रश्न के हल की तरह हम यह सिद्ध कर सकते हैं कि PQRS एक समांतर चतुर्भुज है। उसके बाद इसे आयत सिद्ध करने के लिए हमें नीचे दी बात को सिद्ध करना होगा।

∠S = ∠R = ∠Q = ∠P = 90°

ΔDSR, ΔCRQ, ΔBQP और ΔAPS में

DS = CR = BQ = AP = DR = CQ = BP = AS

(समतुर्भुज की भुजाएँ समान होती हैं और PQRS इन भुजाओं के मध्य बिंदु हैं)

∠DSR = ∠DRS = ∠CRQ = ∠CQR = ∠BQP = ∠BPQ = ∠APS = ∠ASP

इसलिए, ΔDSR ≅ ΔCRQ ≅ ΔBQP ≅ ΔAPS

इसलिए, ∠SDR = ∠CRQ = ∠QBP = ∠PAS = 90

इसलिए, ∠DSR + ∠DRS = 90°

या, ∠DSR = ∠DRS = ∠CRQ = ∠CQR = ∠BQP = ∠BPQ = ∠APS = ∠ASP

चूँकि, ∠ASP + ∠PSR + ∠DSR = 180°

या, ∠PSR = 180°-(45° + 45°) = 90°

इसी तरह, ∠S = ∠R = ∠Q = ∠P = 90°

इसलिए, PQRS एक आयत है

प्रश्न 3: ABCD एक आयत है, जिसमें P, Q, R और S क्रमश: भुजाओं AB, BC, CD और DA के मध्य बिंदु हैं। दर्शाइए कि PQRS एक समचतुर्भुज है।

उत्तर: ΔAPS और ΔBPQ में

AP = PB (AB का मध्य बिंदु P है)

AS = BQ (बराबर भुजाओं के आधे भी बराबर होते हैं)

∠PAS = &PBQ (समकोण)

इसलिए, ΔAPS ≅ ΔBPQ

इसलिए, PS = PQ

इसी तरह निम्नलिखित को सिद्ध किया जा सकता है:

SR = QR

QR = PQ

इसलिए, PQ = QR = RS = SP

इसलिए, PQRS एक समचतुर्भुज है।

प्रश्न 4: ABCD एक समलंब है, जिसमें AB || CD है। साथ ही, BD एक विकर्ण है और E भुजा AD का मध्य बिंदु है। E से होकर एक रेखा AB के समांतर खींची गई है, जो BC को F पर प्रतिच्छेद करती है। दर्शाइए कि F भुजा BC का मध्यु बिंदु है।

quadrilateral

उत्तर: Δ ADB में,

DG = GB

हम जानते हैं कि त्रिभुज के आधार के समांतर और दूसरी भुजा के मध्य बिंदु से निकलने वाली भुजा उस त्रिभुज की तीसरी भुजा को समद्विभाजित करती है।

AB || DC

AB || EF

इसलिए, EF || DC

इसलिए, Δ ADB में

EG || AB

E भुजा AD का मध्य बिंदु है।

इसलिए, DB का मध्य बिंदु G है।

अब, Δ DCB में

GF || D

BD का मध्य बिंदु G है।

इसलिए, BC का मध्य बिंदु F है।( मध्य बिंदु प्रमेय के अनुसार)


प्रश्न 5: एक समांतर चतुर्भुज ABCD में E और F क्रमश: भुजाओं AB और CD के मध्य बिंदु हैं। दर्शाइए कि रेखाखंड AF और EC विकर्ण BD को समत्रिभाजित करते हैं।

quadrilateral

उत्तर: ΔADE और ΔCBF में

AD = BC (समांतर चतुर्भुज की सम्मुख भुजाएँ)

BF = DE (समांतर चतुर्भुज की सम्मुख भुजाओं का आधा)

∠ADE = ∠CBF (सम्मुख कोण)

इसलिए, ΔADE ≅ ΔCBF

इसलिए, AE = CF

चतुर्भुज AECF में

EC || AF और EC = AF

AE = CF

इसलिए, AE || CF

इसलिए, AECF एक समांतर चतुर्भुज है।

Δ DQC में

PE || QC (AE || CF सिद्ध करते हुए पहले सिद्ध किया जा चुका है।)

DC का मध्य बिंदु E है।

इसलिए, DQ का मध्य बिंदु P है।

इसलिए, DP = PQ

Δ APB में

FQ || AP

AB का मध्य बिंदु F है।

इसलिए, PQ = QB

इसलिए, DP = PQ = QB सिद्ध हुआ।

प्रश्न 6: दर्शाइए कि किसी चतुर्भुज की सम्मुख भुजाओं के मध्य बिंदुओं को मिलाने वाले रेखाखंड परस्पर समद्विभाजित करते हैं।

quadrilateral

उत्तर: ABCD एक चतुर्भुज है जिसमें AB, BC, CD और AD के मध्य बिंदु क्रमश: P, Q, R, और S हैं।

Δ ACD में

CD और AD के मध्यबिंदुओं को SR स्पर्श करता है।

इसलिए, SR || AC

इसी तरह निम्नलिखित को सिद्ध किया जा सकता है।

PQ || AC

QR || BD

PS || BD

इसलिए, PQRS एक समांतर चतुर्भुज है।

PR और QS समांतर चतुर्भुज PQRS विकर्ण हैं, इसलिए दोनों एक दूसरे को समद्विभाजित करते हैं ।

प्रश्न 7: ABC एक त्रिभुज है जिसका कोण C समकोण है। कर्ण AB के मध्य बिंदु M से होकर BC के समांतर खींची गई रेखा AC को D पर प्रतिच्छेद करती है। दर्शाइए कि

right angle triangle
  1. D भुजा AC का मध्य बिंदु है।
  2. MD ⊥ AC है।
  3. CM = MA = `1/2` AB है।

उत्तर: DM || BC

AB का मध्य बिंदु M है।

इसलिए, AC का मध्य बिंदु D है।(मध्य बिंदु प्रमेय के अनुसार)

∠ACD = ∠MDA = 90° (तिर्यक रेखा MD के एकांतर कोण)

अब, ΔCDM और ΔADM में

CD = AD

MD = MD

∠MDC = ∠MDA

इसलिए, ΔCDM ≅ ΔADM (SAS प्रमेय के अनुसार)

इसलिए, MC = MA

`MA=1/2\AB`

इसलिए, `MC=MA=1/2\AB`



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