दहन और ज्वाला

दहन: जिस रासायनिक प्रक्रिया में कोई पदार्थ ऑक्सीजन से अभिक्रिया करके ऊष्मा देता है उस प्रक्रिया को दहन कहते हैं। साधारण शब्दों में कहा जाए तो किसी पदार्थ के जलने की प्रक्रिया को दहन कहते हैं।

दाह्य पदार्थ: जिस पदार्थ का दहन हो सकता है उसे दाह्य पदार्थ कहते हैं। दाह्य पदार्थ को ईंधन भी कहते हैं। यह ठोस, द्रव या गैस हो सकता है। जिस पदार्थ का दहन नहीं हो सकता है उसे अदाह्य पदार्थ कहते हैं।

दहन के लिए जरूरी कारक:

  1. एक दाह्य पदार्थ या ईंधन
  2. ऑक्सीजन
  3. ज्वलन ताप: वह न्यूनतम तापमान जिसपर किसी पदार्थ का दहन शुरु हो जाता है उस पदार्थ का ज्वलन ताप कहलाता है।

ज्वलनशील पदार्थ: जिस पदार्थ का ज्वलन ताप इतना कम होता है कि वह आसानी से आग पकड़ लेता है, उसे ज्वलनशील पदार्थ कहते हैं। उदाहरण: पेट्रोल, एल्कोहल, आदि।

आग पर नियंत्रण

आग हमारे लिए बहुत उपयोगी है। लेकिन आग यदि बेकाबू हो जाती है तो बहुत खतरनाक हो सकती है। आग पर नियंत्रण पाने के लिए दहन के किसी एक या सभी कारकों (ईंधन, ऑक्सीजन, ज्वलन ताप) को हटाना होता है।

आग लगने के अधिकतर मामलों में ईंधन को नहीं हटा सकते हैं। उदाहरण के लिए, यदि किसी भवन में आग लगी हो तो पूरे भवन को तो हटा नहीं सकते। हवा की सप्लाई को काटने के लिए कई तरीके अपनाए जाते हैं। कुछ उचित पदार्थ को जलने वाली चीज पर डालकर उसका तापमान ज्वलन ताप से नीचे लाया जाता है। ऐसा करने से आग पर नियंत्रण पाने में मदद मिलती है।

कुछ सामान्य अग्नि शामक

पानी: सबसे अधिक इस्तेमाल होने वाला अग्निशामक है पानी। इससे तापमान को कम करने में मदद मिलती है। जब किसी जलती हुई चीज पर पानी डाला जाता है तो ऊष्मा के कारण भाप बनती है। भाप की परत के कारण ऑक्सीजन की सप्लाई रुक जाती है। इस तरह, पानी से आग पर काबू किया जाता है।

पानी की खामियाँ: तेल से लगी आग पर पानी से काबू नहीं किया जा सकता है क्योंकि तेल पानी से हल्का होता है। जब आग पर पानी डाला जाता है तो तेल ऊपर आ जाता है और आग जलती रहती है। बिजली में शॉर्ट सर्किट के कारण लगी आग को पानी से बुझाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। सामान्य जल, विद्युत का चालक होता है क्योंकि उसमें कुछ लवण घुले रहते हैं। इससे आग बुझाने वालों को बिजली का झटका लगने का खतरा रहता है।

कम्बल: यदि छोटे पैमाने पर आग लगी हो तो आग बुझाने में कम्बल काफी कारगर साबित होता है। जब जलती हुई चीज को कम्बल से ढ़का जाता है तो इससे ऑक्सीजन की सप्लाई रुक जाती है और आग बुझ जाती है।


कार्बन डाईऑक्साइड: यह सबसे उत्तम अग्निशामक है। कार्बन डाईऑक्साइड हवा से भारी होने के कारण आग के ऊपर एक परत बना लेता है। कार्बन डाईऑक्साइड तेजी से फैलता है और तापमान को कम करता है। इससे आग बुझाने में मदद मिलती है। आग बुझाने के लिए, कार्बन डाईऑक्साइड कई तरीके से सप्लाई किया जाता है।

दहन के प्रकार

तीव्र दहन: जब दहन तेजी से होता है तो इसे तीव्र दहन कहते हैं। पेट्रोल और गैस में तीव्र दहन होता है।

स्वत: दहन: जब दहन अपने आप, बिना किसी ज्ञात कारण के शुरु हो जाता है तो इसे स्वत: दहन कहते हैं। कोयले की खान में कोयले की धूल में अपने आप आग लग जाती है। जंगल की आग भी अधिकतर अपने आप शुरु होती है।

विस्फोट: जब दहन अचानक होता है और उससे अत्यधिक ऊष्मा, प्रकाश और ध्वनि निकलती है तो इसे विस्फोट कहते हैं। पटाखों में दहन इसका सबसे अच्छा उदाहरण है।



Copyright © excellup 2014