समांतर चतुर्भुज

अभ्यास 3

Part 1

प्रश्न 1: इस आकृति में ΔABC की एक माध्यिका AD पर स्थित कोई बिंदु E है। दर्शाइए कि Δ(ABE) = ar(ACE) है।

triangle

उत्तर: माध्यिका किसी भी त्रिभुज को दो समान त्रिभुजों में बाँटती है।

इसलिए, ar(ABD) = ar(ACD)

इसी तरह, ar(BED) = ar(DEC)

यदि हम ΔBEC को हटाते हैं, यानि ΔBED + ΔDEC को हटाते हैं तो

ar(ABE) = ar(ACE) सिद्ध हुआ


प्रश्न 2: ΔABC में E माध्यिका AD का मध्य बिंदु है। दर्शाइए कि ar(BED) = `1/4`है।

उत्तर: ΔBEC की माध्यिका ED है।

इसलिए, ar(BED) = ar(CED)

साथ में, ar(BEC) = `1/2` ar(ABC)

इन समीकरणों से यह साफ है कि ar(BED) = `1/4` ar(ABC)

प्रश्न 3: दर्शाइए कि समांतर चतुर्भुज के दोनों विकर्ण उसे बराबर क्षेत्रफलों वाले चार त्रिभुजों में बाँटते हैं।

उत्तर: ABCD एक समांतर चतुर्भुज है जिसके विकर्ण AC और BD परस्पर बिंदु O काटते हैं।

सिद्ध करना है: ar(AOB) = ar(AOC) = ar(BOC) = ar(AOD)

parallelograms

हम जानते हैं कि समांतर चतुर्भुज के विकर्ण एक दूसरे के समद्विभाजक होते हैं। इसलिए AD और BC के मध्य बिंदु M और N हैं।

इसका मतलब है: ar(ABNM) = ar(MNCD) = `1/2` ar(ABCD)

ar(ABO) = `1/2` ar(ABNM)

(क्योंकि समान आधार पर बने त्रिभुज का क्षेत्रफल उस आधार पर बने समांतर चतुर्भुज के क्षेत्रफल का आधा होता है।

इसी तरह, ar(DOC) = `1/2` ar(MNCD)

यानि; ar(ABO) = ar(DOC) = `1/4` ar(ABCD)

इसी प्रकार निम्नलिखित को सिद्ध किया जा सकता है:

ar(AOD) = ar(BON) = `1/4` ar(ABCD)

इसलिए, ar(AOB) = ar(BOC) = ar(DOC) = ar(AOD) = `1/4` ar(ABCD)


प्रश्न 4: इस आकृति में ABC और ABD एक ही आधार AB पर बने दो त्रिभुज हैं। यदि रेखाखंड CD रेखाखंड AB से O बिंदु पर समद्विभाजित होता है, तो दर्शाइए कि ar(ABC) = ar(ABD) है।

parallelogram

उत्तर: चूँकि CD को AO और BO समद्विभाजित करते हैं इसलिए ये क्रमश: ACD और BCD की माध्यिका हैं।

इसलिए, ar(AOC) = ar(AOD)

इसी प्रकार, ar(COB) = ar(DOB)

इसलिए, ar(AOC) + ar(COB) = ar(AOD) + ar(DOB)

या, ar(ABC) = ar(ABD) सिद्ध हुआ

प्रश्न 5: D, E और F क्रमश: त्रिभुज की भुजाओं और के मध्य बिंदु हैं। दर्शाइए कि

  1. BDEF एक समांतर चतुर्भुज है
  2. ar(DEF) = `1/4` ar(ABC)
  3. ar(BDEf) = `1/2` ar(ABC)

उत्तर:

triangle

मध्य बिंदु प्रमेय के अनुसार: BD||EF

BD = `1/2` BC (क्योंकि D मध्य बिंदु है।)

इसलिए, EF = BD

चूँकि EF = BD

इसलिए, BDFE एक समांतर चतुर्भुज है।

इसी तरह यह सिद्ध किया जा सकता है कि EFDC और AEDF समांतर चतुर्भुज हैं।

चूँकि BD = CD = EF

इसलिए, ar(BDFE) = ar(EFDC)

त्रिभुज BED और EFD में:

BD = EF

DE = DE

इसलिए SSS प्रमेय के अनुसार:

ΔBDE ≅ ΔEFD

इसी प्रकार यह सिद्ध किया जा सकता है कि ΔEFD ≅ ΔCDF

इसी प्रकार यह भी सिद्ध किया जा सकता है कि ΔEFD ≅ ΔFEA

इसलिए, ΔBDE ≅ ΔEFD ≅ ΔCDF ≅ ΔFEA

इसलिए, ar(DEF) = `1/4` ar(ABC)

चूँकि समांतर चतुर्भुज BDFE दो त्रिभुजों से मिलकर बना है।

इसलिए, ar(BDFE) = `1/2` ar(ABC) सिद्ध हुआ।



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